रूधौली की पूनम गैस एजेंसी का ‘काला खेल’: जनता के सामने ही ब्लैक में बेचे सिलेंडर, विरोध करने पर मिली धमकी!
बस्ती में 'गैस माफिया' का आतंक: बुकिंग के बाद भी उपभोक्ता परेशान, खुलेआम हो रही कालाबाजारी!
अजीत मिश्रा (खोजी)
बस्ती में ‘गैस माफियाओं’ का नंगा नाच: पूनम एचपी गैस एजेंसी रूधौली ने जनता को ठगा, खुलेआम कर रहे कालाबाजारी!
- “जो करना है कर लो, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ेगा”—रूधौली गैस एजेंसी के मालिक का प्रशासन को खुला चैलेंज!
- बस्ती RTO के बाद अब गैस एजेंसी का भ्रष्टाचार: क्या योगी सरकार में ‘माफिया’ हैं बेखौफ?
- रूधौली: गैस के लिए लाइन में खड़ी जनता को मिली गाली और धमकी, एजेंसी मालिक की दबंगई चरम पर!
बस्ती: क्या जनपद बस्ती में प्रशासन का कोई वजूद बचा है? या फिर रूधौली की ‘पूनम एचपी गैस एजेंसी’ के मालिक इतने रसूखदार हो गए हैं कि कानून उनके पैरों की धूल बन गया है? उपभोक्ता जब अपने हक की गैस माँगने पहुँचते हैं, तो उन्हें न केवल खाली हाथ लौटाया जाता है, बल्कि उन्हें खुलेआम चुनौती दी जाती है— “जो करना है कर लो, मैं भरी गाड़ियाँ ब्लैक करता हूँ, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता!”

क्या है पूरा मामला?
11 मई 2026 को बुकिंग करने वाले उपभोक्ताओं को एजेंसी द्वारा 26 मई की तारीख दी गई थी। पर्ची पर बाकायदा तारीख दर्ज थी और यह निर्देश था कि उपभोक्ता खाली सिलेंडर लेकर ग्राम करमा गोडाउन पर पहुँचें। लेकिन जब उपभोक्ता 26 मई को कड़ी धूप में अपने खाली सिलेंडर लेकर गोडाउन पहुँचे, तो एजेंसी की बदसलूकी और भ्रष्टाचार का काला चेहरा सामने आ गया।
आँखों के सामने कालाबाजारी का खेल
उपभोक्ताओं का आरोप है कि एजेंसी के लोग 22, 23 और 24 तारीख के टोकन वालों का बहाना बनाकर उन्हें भगा रहे थे। सबसे शर्मनाक और हैरान करने वाली बात यह है कि उसी दौरान, जनता की भीड़ के सामने ही एजेंसी द्वारा तीन भरी हुई गैस सिलेंडर ‘खास’ और ‘बड़े लोगों’ को ब्लैक में बेचे गए। जब उपभोक्ताओं ने इस खुले भ्रष्टाचार का विरोध किया, तो एजेंसी के संरक्षण में पल रहे गुंडों (कुछ दबंग किस्म के लोग) ने जनता को गालियाँ दीं, मारने की धमकी दी और धमकाकर भगा दिया।
प्रशासन और मीडिया पर बड़ा सवाल!
आखिर कौन है जो इस एजेंसी को इतना संरक्षण दे रहा है? क्यों स्थानीय प्रशासन की नजर इन अवैध गतिविधियों पर नहीं पड़ रही? सूत्रों की मानें तो रूधौली में पूनम गैस एजेंसी की कालाबाजारी का साम्राज्य बहुत बड़ा है। स्थानीय जनता का कहना है कि न तो कोई अधिकारी यहाँ झाँकने आता है और न ही इस भ्रष्टाचार की गूँज कहीं सुनाई देती है। क्या गरीबों का हक छीनकर ब्लैक में सिलेंडर बेचना अब सरकारी संरक्षण में होने वाला ‘बिजनेस’ बन गया है?
माननीय मुख्यमंत्री जी से जनता की गुहार
उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, अब आपसे ही उम्मीद है। बस्ती के रूधौली में चल रहे इस गैस माफिया के खेल की उच्च-स्तरीय जाँच होनी चाहिए। यदि इस एजेंसी पर तत्काल प्रभाव से छापेमारी कर लाइसेंस रद्द नहीं किया गया और इन कालाबाजारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि सरकारी तंत्र जनता के लिए नहीं, बल्कि इन माफियाओं की जेब भरने के लिए काम कर रहा है।
जनता पूछ रही है—क्या प्रशासन सो रहा है या इन माफियाओं का हिस्सा बन चुका है?














